Wednesday, 23 September 2020

अब इंजेक्शन के खाली वायल भी जमा करने होंगे


 कोरोना के महासंकट काल मे कुछ हॉस्पिटल/डॉक्टर/मेडिकल/होलसेलर/बिचौलिए/नॉन लायसन्स धारी कॉविड पेशंट की मजबुरी का लाभ उठाते हुए, Remdesivir,Tocilizumab इंजेक्शन और अन्य अत्यावश्यक दवाईयो की कालाबाजारी करने की शिकायते सरकारी प्रशासन को हर दिन प्राप्त हो राही है.परिजानो की शिकायते आ रही है के कोरोना पेशंट के लिये आवश्यक इंजेक्शन मार्केट मे(मेडिकल मे) या तो उपलबद्ध नही है,या तो ब्लॅक मे दुगने तिगुणे दामो मे बेचे जा रहे है,या कुछ असप्ताल का कहना है कि ये इंजेक्शन सिर्फ उनके हॉस्पिटल मे ऍडमिट पेशंट को ही दिया जायेगा. ईस तरह के कई कारणो से पेशन्ट इंजेक्शन्स की अर्जंट सेवा प्राप्त नही कर पा रहे है.कुछ हॉस्पिटल मे ये इंजेक्शन अवेलेबल भी है,लेकिन वे पेशन्ट को ओरिजिनल बिल नही देते या फिर इंजेक्शन का ओरिजिनल रेट बिल पर लगाकर गुप्त मे अलग से पैसा ले लेते है.


इन सभी शिकायतो के चलते फूड & ड्रग्स विभाग ने एक पत्रक जारी करते हुए कडी चेतावणी जारी की है.23 सप्टेंबर,2020 को FDA के आला अधिकारी डॉ.अनिल माणिकराव ने फर्मान जारी किया है के ---प्रिस्क्रिप्शन अपडेटेड हो,हॉस्पिटल के लेटरहेड पर रजिस्टर्ड मेडिकल प्रॅक्टिशनर की सिग्नेचर और सिक्का लगा हो.इसके अलावा सभी अत्यावश्यक कागझ (कोविड पोजिटीव्ह रिपोर्ट, आधार कार्ड,प्रिस्क्रिप्शन) रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट को देकर,कितने इंजेक्शन लिये ईसका सप्लाईड की मोहर लगाकर, लिगल बिल लेकर ही इंजेक्शन खरीदे.Remdesivir/Tocilizumab इंजेक्शन पेशन्ट को लगाने के बाद,पेशन्ट या परिजनो को खाली बचे हुए वायल लौटाने होगे,और उनका रेकॉर्ड जतन करना होगा.

अगर इन सुचनाओ का उल्लंघन कोई हॉस्पिटल/डॉक्टर/मेडिकल/होलसेलर/या कोई बिचोलीया करता है तो उसकी शिकायत FDA अथवा जिलाधिकारी,इनसिडन्ट कमांडर,नोडल अधिकारी,स्वास्थ अधिकारी अथवा संबंधित विभाग या अधिकारी से की जा सकती है.

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